एक निजी सफ़र
राशिद अज़ीम
ईमान, इल्म और ख़िदमत से बनी एक ज़िंदगी।
तीन दशकों से ज़्यादा समय से राशिद अज़ीम ने अपनी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा दीन सीखने, उस पर अमल करने और उसे दूसरों तक पहुँचाने में लगाया है। यह वेबसाइट उनके सफ़र, अनुभवों और विचारों को सहेजने की एक कोशिश है।
उनके सफ़र के बारे में पढ़ेंईमान और लगन का सफ़र
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के राशिद अज़ीम 33 वर्षों से ज़्यादा समय से दीनी तालीम और तब्लीग़ी जमात के काम से जुड़े हुए हैं। इस सफ़र में नियमित रूप से निकलना, दीन के लिए वक़्त देना और बरसों के अनुभव शामिल हैं।
और परिचय पढ़ेंलगन से भरी ज़िंदगी
जमात में वक़्त लगाना उनकी ज़िंदगी का कोई एक अध्याय नहीं रहा। यह एक स्थायी दिनचर्या है, जिसे वे रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारियों के साथ बरसों से निभा रहे हैं।
- 32
- बार तब्लीग़ी जमात के साथ चार महीने
- 3 दिन
- हर महीने जमात में, लगभग 33 वर्षों से यही मामूल
- 33+ वर्ष
- दीनी तालीम, सफ़र और निजी लगन के
विचार और सीख
बरसों में इकट्ठा हुए अनुभव, याद-दहानियाँ और सबक़।
पहले लेख तैयार होते ही यहाँ साझा किए जाएँगे।
इल्म का सफ़र उम्र भर चलता रहता है।
उनके सफ़र के बारे में पढ़ें